मानव जीवन ; बीमारी , बचाव और उपाय

मानव जीवन : 

मनुष्य जीवन बहुत ही अनमोल होता है क्योंकि ये जीवन हमें असंख्य जीव योनियों (कुता, गधा, सुअर, आदि लख 84) को भोगने के पश्चात् प्राप्त होता है ! अतः मनुष्य योनि व्यर्थ नही गवानी चाहिए अपितु भक्ति मार्ग पर लगना चाहिए! 


मानव जीवन में बिमारी :

जिस तरह कोई मशीन का कल पुर्जा चलते चलते कभी भी खराब हो सकता हैं चाहे कितनी भी सार संभाल क्यों न रखी जाये , 

ठीक उसी तरह मानव शरीर का भी कोई अंग काम करते करते ही शिथिल पड जाता है , जिसे ही बीमार होना कहते है!

ये बीमारी आंतरिक व बाहरी , त्वरित व मद गति किस भी तरह की हो सकती है!

कुछ बीमारियों ऐसी होती है जिनका ईलाज डॉक्टरस एवं विज्ञान के पास संभव है


किन्तु कैंसर, कोरोना, ईबोला, सार्स जैसी भयानक बीमारियाँ भी है जो लाइलाज है , जिनका ईलाज डॉक्टरस तो क्या विज्ञान के पास भी नहीं हैं! 

विभिन्न एन.जि.ओ. द्वारा चलाये जा रहे प्रोग्राम और जमीनी हकिकत :

आज ऐसी लाइलाज बीमारियों से लड़ने के लिए डब्ल्यू. एच. ओ. (WHO) द्वारा बहुत से कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं और प्रत्येक देश में अपने प्रतिनिधि के तौर पर NGO का गठन भी किया है! 

इन NGO को ऐसी बीमारियों से लड़ने व इनकी वैक्सीन निर्माण के लिए भारी मात्रा में वित्त भी पोषित (funding) किया जाता है!

परन्तु अगर वर्तमान स्थिति पर गौर किया जाये तो हम पाँयेगें की स्थिति और भी भयावह होती जा रही हैं क्योंकि वैक्सीन मिल नहीं पा रही है और बीमारी फैलती जा रही है!


ऐसी बीमारियो से सावधानी ही बचाव का बेहतर उपाय हैं! शरीर को स्वस्थ और हष्ट पुष्ट रखनें के लिए व्यायाम और प्राणायाम करें! 

प्रतिदिन कुछ कदम पैदल चलना, अलोम विलोम करना, साइकिल चलाना, योग अभ्यास करना भी बीमारियो को दूर रखने के कारगर उपाय हैं!

परन्तु यदि कोई ऐसी बीमारियो से ग्रसित हो गया है तो क्या उसका ईलाज नहीं किया जा सकता? क्या उसे ऐसे ही मृत्यु को प्राप्त होने के लिए छोड़ दिया जाये?

क्या अध्यात्म में कही भी इसका कोई ईलाज नहीं हैं?

अध्यात्म से ईलाज संभव हैं:

जी हाँ , आपने बिलकुल सही पढा है 👈

क्योंकि हमारे वेदों में भी इस बात का प्रमाण हैं कि 


"परमात्मा पाप भी नष्ट कर सकता है" - यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 👉 (CLICK HERE)


इसी तरह ॠगवेद मण्डल 10 सुक्त 169 मंत्र 2 में स्पष्ट है कि

"पूर्ण परमात्मा सतभक्ति करने वाले साधक के असाध्य रोग को खत्म करके 100 वर्ष की आयु प्रदान कर सकता है।"

काफी जाँच पड़ताल के बाद हमने पाया कि 👇

वर्तमान समय में ऐसी सत भक्ति केवल और केवल संत रामपाल जी महाराज ही दे रहे हैं!


उन से नाम उपदेश लिए भगतो के साक्षात्कार सुनने से एवं उन से बात करने से हमने पाया कि केवल संत रामपाल जी महाराज ही सृष्टी में ऐसे संत है जो शास्त्रों के अनुसार भक्ति कर और करवा रहे हैं! 

और उन के द्वारा दी जा रही सत भक्ति और सत नाम उपदेश से मर्यादा में रह कर भक्ति करने से ही मानव समाज को लाईलाज बीमारियो से तो छुटकारा मिल ही रहा है साथ ही आर्थिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक शांति भी प्राप्त हो रही हैं!

इसके अतिरिक्त संत रामपाल जी महाराज शत प्रतिशत मोक्ष प्राप्ति की भी गारेण्टी लेते हैं !

अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखे 'साधना' चैनल शाम 7:30 बजे से!

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